गृह प्रवेश 2026 के लिए शुभ मुहूर्त कैसे चुनें

तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त को साथ मिलाकर ही गृह प्रवेश की सही तारीख और समय तय होता है

UPDATED 2026-08-207 MIN READ
गृह प्रवेश पूजा के लिए सजा हुआ घर का द्वार, कलश और रंगोली के साथ

गृह प्रवेश के लिए 2026 की एक भी तारीख तभी शुभ मानी जाती है जब उस दिन की तिथि, नक्षत्र, वार और राहुकाल एक साथ मेल खाएं, इसलिए हर तारीख को अलग से परखना पड़ता है। यहां हम बताते हैं कि मुहूर्त तय करने वाले पंचांग तत्व कौन से हैं, और 20 अगस्त 2026 के नई दिल्ली के पंचांग को उदाहरण बनाकर दिखाते हैं कि किसी भी दिन को गृह प्रवेश के लिए कैसे जांचा जाता है। 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र (चरण 4) रहेगा, सूर्योदय 05:53 और सूर्यास्त 18:56 पर होगा, राहुकाल दोपहर 14:02 से 15:40 तक और अभिजीत मुहूर्त 11:58 से 12:51 तक रहेगा।

KEY TAKEAWAYS
  • गृह प्रवेश का मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, वार, राहुकाल और लग्न बल को साथ देखकर तय होता है, अकेले किसी एक तत्व से नहीं।
  • 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र रहेगा, जो गृह प्रवेश के लिए पारंपरिक रूप से सबसे पसंदीदा नक्षत्रों की सूची में नहीं आता।
  • इसी दिन राहुकाल दोपहर 14:02 से 15:40 तक रहेगा, इस समय प्रवेश टालना चाहिए, जबकि 11:58 से 12:51 का अभिजीत मुहूर्त सामान्यतः शुभ माना जाता है।
  • 2026 की पूरी साल की मुहूर्त तारीखों की सूची शहर, तिथि और नक्षत्र के हिसाब से बदलती है, इसलिए हर तारीख की पुष्टि पंडित या मुहूर्त कैलकुलेटर से करना बेहतर रहता है।

गृह प्रवेश का मुहूर्त तय करने में कौन-कौन से पंचांग तत्व देखे जाते हैं?

गृह प्रवेश के लिए सबसे पहले तिथि देखी जाती है, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी जैसी रिक्ता तिथियां तथा अमावस्या आम तौर पर टाली जाती हैं। इसके बाद नक्षत्र देखा जाता है, फिर वार यानी सप्ताह का दिन, और अंत में उस दिन का राहुकाल तथा लग्न बल। इनमें से कोई भी एक तत्व अकेले अच्छा हो तो भी मुहूर्त पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता, सभी का तालमेल जरूरी होता है।

2026 में गृह प्रवेश के लिए सभी शुभ तारीखों की पूरी सूची कहां मिलेगी?

यहां पूरे 2026 साल की सभी गृह प्रवेश तारीखों की सूची देना संभव नहीं है, क्योंकि सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल जैसे समय हर शहर और हर तारीख के साथ बदलते हैं। अभी सिर्फ 20 अगस्त 2026 के नई दिल्ली के पंचांग का सटीक विवरण उपलब्ध है। किसी और तारीख को चुनने से पहले उस दिन की तिथि, नक्षत्र और राहुकाल अलग से जांचना जरूरी है, इसके लिए अपने शहर के हिसाब से मुहूर्त कैलकुलेटर या किसी पंडित से पंचांग जरूर मिलवाएं।

20 अगस्त 2026 का पंचांग गृह प्रवेश के लिए कैसा रहेगा?

नई दिल्ली में 20 अगस्त 2026 को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी, नक्षत्र विशाखा होगा जो चरण 4 में रहेगा, चंद्रमा वृश्चिक राशि में और सूर्य सिंह राशि में रहेगा। सूर्योदय 05:53 IST पर और सूर्यास्त 18:56 IST पर होगा। राहुकाल दोपहर 14:02 से 15:40 तक रहेगा, इस अवधि में प्रवेश नहीं करना चाहिए। अभिजीत मुहूर्त 11:58 से 12:51 तक रहेगा, जो सामान्यतः शुभ माना जाता है। चूंकि अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र पारंपरिक रूप से गृह प्रवेश के लिए सबसे अधिक अनुशंसित तिथि-नक्षत्र संयोजनों में नहीं गिने जाते, इसलिए अगर इसी दिन गृह प्रवेश की योजना है तो अभिजीत मुहूर्त की खिड़की का इस्तेमाल करते हुए किसी पंडित से लग्न और होरा की अतिरिक्त पुष्टि करवाना उचित रहेगा।

गृह प्रवेश के लिए कौन से नक्षत्र सबसे शुभ माने जाते हैं?

पारंपरिक मुहूर्त ग्रंथों के अनुसार रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती, पुष्य, हस्त, स्वाति, चित्रा, अनुराधा और श्रवण नक्षत्र गृह प्रवेश के लिए विशेष रूप से अनुकूल माने जाते हैं। इनमें स्थिर और मृदु स्वभाव के नक्षत्रों को घर में स्थायित्व लाने वाला माना गया है।

गृह प्रवेश के लिए कौन सा महीना और सप्ताह का दिन शुभ माना जाता है?

सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को गृह प्रवेश के लिए अनुकूल दिन माना जाता है, जबकि मंगलवार और शनिवार आमतौर पर टाले जाते हैं। महीनों में वैशाख, ज्येष्ठ, माघ और फाल्गुन को पारंपरिक रूप से बेहतर माना गया है, वहीं चातुर्मास की अवधि में गृह प्रवेश टालने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है। स्थानीय परंपरा और पारिवारिक रीति के अनुसार यह थोड़ा अलग भी हो सकता है, इसलिए अंतिम निर्णय पंडित से जरूर करवाना चाहिए।

गृह प्रवेश में किस समय से बचना चाहिए?

राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में यह समय दोपहर 14:02 से 15:40 तक रहेगा। इसके अलावा भद्रा काल, अमावस्या और रिक्ता तिथियों (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) में भी गृह प्रवेश टालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन्हें कार्य सिद्धि में बाधक माना गया है।

अभिजीत मुहूर्त गृह प्रवेश के लिए क्यों उपयोगी है?

अभिजीत मुहूर्त दिन के बीचोबीच का वह छोटा समय है जिसे लगभग हर दिन शुभ माना जाता है, बशर्ते उस दिन बुधवार न हो। 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में यह 11:58 से 12:51 तक रहेगा। जब तिथि और नक्षत्र भी अनुकूल हों तो अभिजीत मुहूर्त में प्रवेश करना अतिरिक्त शुभता देता है, लेकिन अकेले अभिजीत मुहूर्त किसी प्रतिकूल तिथि या नक्षत्र की कमी को पूरी तरह नहीं भर सकता, इसे बाकी पंचांग तत्वों के साथ ही देखना चाहिए।

CLASSICAL SOURCES
  • Muhurta Chintamani
  • Brihat Samhita
  • Swiss Ephemeris (planetary data)

Frequently Asked Questions

अष्टमी तिथि पारंपरिक मुहूर्त ग्रंथों में गृह प्रवेश के लिए सबसे अधिक अनुशंसित तिथियों में शामिल नहीं है, हालांकि यह रिक्ता तिथियों (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) जितनी वर्जित भी नहीं मानी जाती। ऐसे में अगर इस तिथि पर ही प्रवेश करना है तो नक्षत्र और लग्न की अतिरिक्त जांच पंडित से करवाना बेहतर रहता है।

इस दिन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र (चरण 4) रहेगा, ये दोनों गृह प्रवेश की सबसे पसंदीदा सूची में नहीं आते। अगर यही तारीख चुननी हो तो राहुकाल यानी दोपहर 14:02 से 15:40 का समय टालें और अभिजीत मुहूर्त 11:58 से 12:51 के आसपास प्रवेश की योजना बनाकर पंडित से अंतिम पुष्टि जरूर करवाएं।

राहुकाल को दिन का वह भाग माना जाता है जिसमें शुभ कार्यों की शुरुआत में बाधा आने की आशंका रहती है, इसलिए गृह प्रवेश, वाहन खरीद और अन्य शुभ कार्य इस अवधि में टाले जाते हैं। 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में यह अवधि दोपहर 14:02 से 15:40 तक रहेगी।

पंचांग के कई तत्व, जैसे लग्न बल, नवमांश और परिवार की व्यक्तिगत कुंडली, स्थानीय पंचांग में अलग-अलग तरीके से देखे जाते हैं। इसलिए सामान्य पंचांग जानकारी के साथ-साथ अपने शहर और परिवार की कुंडली के अनुसार पंडित से अंतिम मुहूर्त की पुष्टि करवाना सबसे सुरक्षित तरीका है।

Dr. Vineeta Chandrashekhar Phatak
REVIEWED THIS ARTICLE
CHIEF ASTROLOGER · MELOOHA

Dr. Vineeta Chandrashekhar Phatak is a distinguished Vedic astrologer, scholar, and educator with over two decades of experience in the study and practice of Jyotish. She holds a PhD in Vedang Jyotish from K.K. Sanskrit University, with her doctoral research focused on the analytical study of Hindu marriage through Vedic astrology. A recipient of academic honours including a Gold Medal at the BA level and a Silver Medal in her M.A., Dr. Phatak has taught Jyotish at both undergraduate and postgraduate levels and has authored several books and scholarly works on Vedic astrology. She has been an astrological consultant since 2005 and has served as Chief Astrologer at Melooha since 2022, bringing together traditional Jyotish knowledge, rigorous analysis, and decades of practical experience to make astrological insights more meaningful and accessible.

Related reading

Latest articles